प्रीति चौधरी…✍✍
प्यार सच में अँधा होता है
अँधा क्या ,
अँधा और बहरा भी होता है

न कुछ देखता है, न कुछ सुनता है
बस अपनी ही जिद पर ठहरा होता है

इसपे अनगिनत पहरा होता है
पर फिर भी ये बेपरवाह होता है

सही हो या गलत पर पहला प्यार
तो पहला ही होता है

कुछ पल का हो या सालो का
अगर प्यार सच्चा हो तो
गहरा उतना ही होता है

फूल की सेज सा दिखता है पर
ये काँटो का सहरा होता है

पुरातन प्यार का तो पता नही
पर आधुनिक प्यार का यही चेहरा होता है

प्रीति चौधरी

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