परिवर्तन गीत

सूरज का प्रतिमान कब तक तेज मनुज तक पहुँचाएगा ,
संध्या आने को है अब तो वो भी घर को जाएगा |
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चाँद का अभिमान कब तक रूप धरा पर कहलाएगा ,
रात अमावश की आने दो वो भी शापित हो जाएगा |
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भँवरों का क्रंदन कब तक संगीत बन कर गूँजेगा ,
आखिर एकदिन उनके कंठो का ताड़ सुप्त हो जाएगा |
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पुष्प खड़ा नादान कब तक कलाकृति बन रह पाएगा ,
अगणित अल्हड़ झोंके पाकर वो भी शीश झुका देगा |
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सूरज का प्रतिमान कब तक तेज मनुज तक पहुँचाएगा ?

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Anuj Shivam

संक्षिप्त परिचय

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