गजल…

 

दिल मे है जो शायद वो कभी बात भी होगी

ज़िन्दगी अगर रही तो मुलाकात भी होगी !

 

जब मै नही होऊँगा मुझको गुनगुनाओगे

कायल मेरे गीतों की कायनात भी होगी. !!

 

मुझको दगा दिया है जो तुमको न छोड़ेगा

ये मतलबी दुनियां तुम्हारे साथ भी होगी!

 

दिन ही नही रहेगा सदा याद ये रखना

लंबा बहुत सफर है कही रात भी होगी !!

 

हंसना है तो हंस ले मेरे हालात पे मतिहीन

लेकिन तेरी आँखों से बरसात भी होगी !

 

मै मुफलिसी मे अपने परेशान बहुत हूँ

पर गर्दिशों मे तेरी औकात भी होगी!!

– मनोज उपाध्याय मतिहीन

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