आपकी याद इस तरह आई

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आपकी याद इस तरह आई

By |2018-07-12T20:44:02+00:00July 12th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

बहर-फ़ाइलातुन मुफ़ाईलुन फ़ेलुन

2122 1212 22


              ग़ज़ल
आपकी याद इस तरह आई।
ये हवा ज्यों गुलाब छू आई।।

रातभर सोचता रहूँ ना मैं।
आँख सपना तिरा सज़ा लाई।।

दूरियाँ-दूरियाँ नहीं होती।
चाहतें जब बने न हरजाई।।

हम सदा मिल रहें यही चाहा।
दो दिलों को मिले न तन्हाई।।

आ मिलें हम गले करें वादा।
हो न दिल में कभी ज़रा खाई।।

प्रीत सजके मिटे नहीं प्रीतम।
ज्यों तनों से हटे न परछाई।।

राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”
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राधेयश्याम प्रीतम पिता का नाम श्री रामकुमार, माता का नाम श्री मती किताबो देवी जन्म स्थान जमालपुर, ज़िला भिवानी(हरियाणा)

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