सच से भी कतराता है…

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सच से भी कतराता है…

By |2018-07-21T11:44:51+00:00July 21st, 2018|Categories: कविता|Tags: , , , |0 Comments

झूठ न बोलता है सच से भी कतराता है
ओ अपना नाम बताने से भी घबराता है !


कोई ऐसी भी ज़िन्दगी भला क्यों है जीता
जो न भाता है उसको भी गले लगाता है !!


शहद जबां से टपकती दिमाग मे धोखा
बात आँखो से बयां है मगर छुपाता है! 


बहुत मशहूर है अजगर निगलने मे मगर
यह इंसान तो अजगर को निगल जाता है ||

                 मनोज उपाध्याय मतिहीन….
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मनोज उपाध्याय मतिहीन, अयोध्या नगर महासमुंद,छ.ग. पिन 493445

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