चलते जाना बाट बटोही…

चलते जाना बाट बटोही…

By |2018-07-16T01:36:00+00:00July 16th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , |0 Comments
कविता
चलते जाना बाट बटोही 
थक कर ना रुक जाना रे |
जलते होंगे पाव के छाले
पर ना तनिक घबराना रे ||
यह जग एक तमाशे जैसा
तुम इस पर ना इतराना रे |
मनोनुकुल मंजिल ना मिली
तो किंचित ना पछताना रे ||
जला दीप यदि बुझ जाये
और हो जाये अँधियारा रे |
यह करतब है सृष्टि का प्यारे
तिमिर बाद उजियारा रे ||

मनोज उपाध्याय मतिहीन …
      
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मनोज उपाध्याय मतिहीन, अयोध्या नगर महासमुंद,छ.ग. पिन 493445

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