रूमाल की गांठ में बंधी
चवन्नी,अठन्नी,पंजी,दंसियां
ऊंगलियों की छुअन से ही
पता चल जाती थी
वैसे ही दिल के रूमाल
की गांठो मे तेरी यादों
के लम्हो के सिक्के
आज भी योगी हल्की-सी
छेडखानी से खनक जातें हैँ

Say something
No votes yet.
Please wait...