कुछ चौपाइयाँ…

कुछ चौपाईयाँ…

ग्यानी तुम और मै मतिहीना!
राजा तुम और मै अति दीना!!

तुम उर धवल सुधा सनमाना!
मै कपटी अति मनोमलीना !!

तुम स्वामी मै दास तुम्हारा !
करहु कृपा हम तुम्हरे द्वारा! !

परहि देश पर संकट भारी!
कवनेउ विधि अब एहि उबारा!!

मम पूर बसहि भय दुष्ट अनेका!
अति वीभत्स नर कबहु न देखा!!

या सुखमय होहि धरणि हमारी!
वरन प्रलय मांगत गिरिधारी!!

घर घर रावण बसहि अनेका!
पापी पामर नहि बुद्धि विवेका!!

नर अरु नारी चरित नहि पावन!
ग्यान रहित सब काज नशावन!!

जेहि विधि होहि विपति निदाना!
करहु सो बेगि मै दास बखाना!!

करहु महि अब मनुज विहीना!
विनय करहु मै कवि मतिहीना!!

मनोज उपाध्याय मतिहीन…

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मतिहीन

मनोज उपाध्याय मतिहीन, अयोध्या नगर महासमुंद,छ.ग. पिन 493445

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