सूरज कौन जगाएगा…

Home » सूरज कौन जगाएगा…

सूरज कौन जगाएगा…

मुक्तक…

सागर के अंतस मे शीप मे मोती तो मिल जाएगी
पर यह प्रश्न बडा है उसमे गोते कौन लगाएगा  !

तिमिर घोर जितना भी हो ज्योति शक्ति प्रबल होगी
लेकिन शंशय बना हुआ है दीपक कौन जलाएगा  !!

उसर बीज भये सब जैसे निकले आज कल सूख गए
प्रेम पुंज को अचल करे वह पौधा कौन उगाएगा  !

दुष्ट दलन करने कलियुग मे राम नही आने वाले
धरती पर से रावण जैसे पापी कौन मिटाएगा  !!

मही व्योम दोने मिल जाए फिर भी क्या अंतर होगा
अंधेरा अब भी है जग मे तम तब भी रह जाएगा  !

सांस की धूनी चलेगी कब तक जलता रहेगा चित्त मेरा
बुझा दीया मतिहीन का जिस दिन सूरज कौन जगाएगा  !!
मनोज उपाध्याय मतिहीन

Say something
No votes yet.
Please wait...

About the Author:

मनोज उपाध्याय मतिहीन, अयोध्या नगर महासमुंद,छ.ग. पिन 493445

Leave A Comment