आज़ादी

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आज़ादी

खो दी मैंने अपनी आज़ादी!!
खो दिया मैंने अपना चैन वो अमन!!
खो दिया मैंने अपना सुध बुध!!
खो दिया मैंने अपना जवानी!!
खो दिया मैंने अपना जीवन!!
खो दिया मैने अपना बुद्धि!!
खो दिया मैंने सारी नीतियां!!
खो दिया मैंने अपना समय!!
खो दिया मैंने अपनी सारी हदें!!
खो दिया मैने सारे रिश्तें!!
खो दिया मैंने जाहांन को!!
जब से उनसे मोहब्ब्त हुआ!!
खो दिया मैंने अपना सारी खुशी!!
खो दिया जबसे उनसे आँखें चार हुई!!
खो दिया मैंने अपना प्यार तब से!!
खो गया मेरा तन्हाई !!
खो गया मेरे ज़िंदा होने की उमीद!!
खो दिया मैने अपना सारा जीवन!!

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प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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