उनकी शादी और आशिकों का सबके हाल

उनके हाथों में मेहंदी रच गया।
उनके आशिकों का हाल बुरा होगा।।

उनके चेहरे पर फेसपैक लग गया होगा।
उनके सजने का वक्त आ गया होगा।।

उनके सवरने और दुल्हन बनने का समय आ गया होगा।
उनके रिश्तेदारों की आने झाड़ियाँ लग गया होगा।।

उनके जयमाला का समय हो गया होगा।
उनके अपने जीवन साथी के साथ आँखे मिली होगी।।

उनके साथ सेल्फी लेने का कतार लगे होंगे।
उनके यारों की टोली भी आयी होगी।।

उनके फेलो को समय आ गया होगा।
उनके माथे पर सिंदूर देने का समय आ गया होगा।।

उनके विदाई का समय आ गया होगा।
उनके माँ और पापा के आँखों से आंसू आ रहे होगें।।

उनके जाने के बाद आशिकों गम में डूबे होगें।
उनके माँ छुप-छुप के रोई होंगी।।

उनके जाने के बाद किसी की याद आयी होगी।
उनके जाने के बाद एक घर सुनसान हुआ होगा।।

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प्रेम प्रकाश

प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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