गजब के गोरखा

हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।
वीरों से खाली नहीं होती, योद्धाओं की खान।।
गुरंग, राय, मागर, लिम्बू,
योद्धा सुनवार गोरखाली।
कायरता से मरना अच्छा,
गुरु गोरख, माता काली।
रग रग में जोश भरा इनके, लिये हथेली पर जान ।
हिंदुस्तान गजब की धरती, अजब है इसकी शान।1।

सदी आठवीं में गुरु गोरख से,
गोरख विद्या पाई थी।
गौ की रक्षा का प्रण लेकर,
खाई दूध मलाई थी ।
जब रण में गरजे गोरखा, हों दुश्मन के ठन्डे अरमान।
हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।2।

महाराणा रणजीत सिंह ने,
निज सेना में स्थान दिया था।
इनके बल पर ही नलवा ने,
काबुल तक झंडा गाड़ दिया था।
मरने से नहीं डरें समर में, गोरख सैनिक बड़े महान।
हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।3।

अंग्रेजों ने इनके बल पर,
हिटलर से टक्कर ली थी।
मार भगाई नाज़ी सेना,
किस्से दुनिया सुनती थी ।
हिटलर ने भी इन वीरों का, किया बहुत गुण गान ।
हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।4।

पराक्रम और शौर्य में,
नहीं कोई इनका सानी।
खतरा कोई राष्ट्र पर आये,
मर मिटते ये बलिदानी।
मरकर भी अमर रहे योद्धा, यही गीता का ज्ञान।
हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।5।

धैर्य साहस और हिम्मत से,
जग में नाम कमाया है।
कैसा भी दुर्गम क्षेत्र हो,
दुश्मन मार भगाया है ।
मातृ भूमि की रक्षा में, हिमवीरों ने दिए बलिदान।
हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।6।

मातृ भूमि पर मर मिटना,
कोई गोरखा सैनिक से सीखे।
खुकरी जब कर में आ जाये,
खलमुंड कटे गिरते नीचे ।
“पुष्कर” भी इनकी प्रशंसा में, गाता है गुण गान।
हिंदुस्तान गजब की धरती,अजब है इसकी शान।7।

पंडित प्रियव्रत ” पुष्कर”
मेरठ क्षेत्र, मेरठ ।

 

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Priyavrat Sharma

पंडित प्रियव्रत "पुष्कर"

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