आज की दुनियां
सोमरस की दुनियां
आज की दुनियां
की शुरूवात होती
सोमरस से अंत होती है

चाहे खुशी की सौगात हो
चाहे खुशी की गम की शुरुआत हो
चाहे जन्मदिन की खुशी हो मरणदिन हो
सब मे सोमरस का रसपान की आगाज होती है

कहे कविराय “प्रेम” आज की दुनियां
सोमरस की दुनियां है ये सत्य है

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