सुहाने मौसम सावन के
दिलो में खिलते फूल दिलवर सुहाने मौसम सावन के!
होती है सुहाने मौसम सावन के दिलवर सुहाने सावन के!

कोई चाँद का पुराना आशिक है
कभी दिखा व कभी छुप जाता है
कभी छेड़े उसे बिजली को
कभी बादल से बातें करता है
इश्क आसान नही है दिलवर सुहाने मौसम सावन के!

मैंने सुना है बारिश में सरगोशी
बहकते हैं मेरे क़दम पुरवा के
बारिश के बूंदें जब छुए मेरी भुजावों को
हवा के झोके महक उठी अमराई
सब के टूटे है भ्रम दिलवर सुहाने मौसम सावन के!

जब यादों का मौसम आ गया
हो गए नयन पलको तले नदियां
मस्त-मस्त सी हवाएं दस्तक दिए
दिलवर को लगा वें आएं हैं
दिल में चुभते हैं तीर दिलवर सुहाने मौसम सावन के!

Rating: 5.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *