मेरे मीत रे
सुन ले तू दिल की प्रीत
निभा दे प्रेम की प्रीत
मेरे मीत रे……
बहारे सावन की छाई, बरसे हर अंगना
पायल सी छनके बूंदे, छनन छन छन
बजे सुरीली तान, होए….बजे सुरीली तान ऐसी
लगे मधुर संगीत
मेरी प्यास बढ़ाये, दिल धड़काये
ओ सजन, हाँ सजन, मेरे सजन
प्रीत बनके आ जा, यूँ गले लगा जा
मौसम है कितना प्यारा -प्यारा
मन मेरा तरसे, मेघा जो बरसे
तरसें मोरी बाइयाँ,आ जा मोरे सइंया
तन मन भिगोए सावन की पुरवइया
सावन का आना, मौसम का बलखाना
कुछ पल की खुशियां, कुछ पल का मुस्काना
रिमझिम सावन की घटाएँ
रह-रह के तरसाएं औ तड़पायें
दिल में एक प्यास जगायेँ
टूट न जाये मेरी आस…
दहके है सीने में आग
भर ले बाहों में यार,
मचलते दिल को  मिले करार
इससे पहले टूटे मेरी आस
आ जा.. आ जा तू आ जा मेरे यार
सुन ले तू दिल की प्रीत
निभा दे प्रेम की प्रीत
मेरे मीत रे….

-एम एस पटेल

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