क्षण भर का जीवन

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क्षण भर का जीवन

By |2018-08-26T20:10:52+00:00August 26th, 2018|Categories: व्यंग्य|Tags: , , |0 Comments

क्षण भर के जीवन
उस पे भी घमंड
आखिर किस बात की
तीस किस बात की ईष्या

क्षण भर की अल्पायु
क्षण भर की स्वासें
क्षण भर की पीड़ा
क्षण भर में अलगांव

कस्तूरी से तेरी नज़रे
सवान भारी मोहब्ब्त
काश्मीर जैसा सेव
पलामू जैसा भीष्म गर्मी

कैसी है तेरी खुदाई
कैसी है तेरी बेवाफाई
कैसी है तेरी रूसवाई
क्षणिक तेरा जीवन
कहें को इतना प्रतिकार!
प्रेम प्रकाश
23/08/2018

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प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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