सत्य ही सत्य की हार है

Home » सत्य ही सत्य की हार है

सत्य ही सत्य की हार है

सत्य ही सत्य की हार है
सत्य ही सत्य का प्रतिकार है

जीवन की उन्मुख क्या कहें
जीवन की अद्रा को क्या कहें

मैं समय हूँ खूद को बलवान समझता है सही है उसका देन है

झूठ को झूठ ने मारा बाकी सब बहाने है इसका क्या हेमियत है

अपनी बेवसी को क्या कहूँ मैं
जीवन में उतार-चढ़ाव आता हैं

सत्य की बात से लोग हताशा हैं
सत्य की बात से मरणशील हैं

झूठ की कहें तो मंगल से रहते हैं
झूठ का तो सुहाना ही सुहाना हैं

उमिन्द की बात कहें तो उमिन्द से
जिंदा है लोग अपनी जीवन जीते

कांसे कहें ए ज़िन्दगी का सफ़र
हमें तो मोहब्ब्त की सफ़र करतें हैं

सत्य का सत्य की हार है
सत्य ही सत्य के प्रतिकार है
प्रेम प्रकाश
24/08/2018

Say something
Rating: 5.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...
प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

Leave A Comment