सावन की उमंग

Home » सावन की उमंग

सावन की उमंग

By |2018-09-01T09:59:17+00:00September 1st, 2018|Categories: कविता|Tags: , |0 Comments

पहन ओढ़ कें पचरंगा,अरु मेंहदी हाथ रचाई,
बागन में डार हिंडोला, झूला झूल हरसाई।।
सोहगी तौ सासू जी ने भेजी,पहर ओढ़, सरमाई,
पहले सनूने सैंया संग,सेंवई,बूरे की रीत निभाई।।

सोहगी__ यू.पी. में सिंजारा की तरह,शादी के बाद पहली राखी पर लड़की के ससुराल से आने वाला सामान। दामाद अपने मित्रों, भाई, जीजाओं के साथ लेकर आता है।
सनूने_राखी का त्यौहार। (यू. पी. की भाषा में)

Say something
No votes yet.
Please wait...

About the Author:

Leave A Comment