त्राहिमान किसान

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त्राहिमान किसान

By |2018-09-02T15:19:21+00:00September 2nd, 2018|Categories: कविता, व्यंग्य|Tags: , |0 Comments

त्राहिमान किसान
किसान का हुआ बुरा हाल!
किसान के फ़सल हुए बीमारियों से ग्रष्ट
अब क्या करें किसान खेत में अनाज नही सकेंगे!

कौन सा रोग लग गया
मैं दवा और कृषि डॉ से
दिखा के हार गया मैं तो
मैं कांसे करू ये दाता!

हम पे अब पाहड़ टूट गया
मेरे बच्चे बुख के कारण
कुपोषण के शिकार हो जाएंगे
कौन-कौन रोग लग गया दाता!

किसान के बीमारियों से फ़सल हुए ग्रष्ट!
कैसे होगा अब फ़सल की पैदावारी!
कैसे जिएंगे हम और हमारे बच्चे!
का करे अब हमारे घर कैसे चलेगा!
प्रेम प्रकाश
02/08/2018

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प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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