गुरु की महिमा

गुरु की महिमा

है अपने गुरु पे अभिमान मुझे,
जिसने दिए इतना ज्ञान मुझे|
 
गुरुजी सर्वश्रेष्ठ सर्वोपरि हैं,
मेरे लिए तो वो ही नारायण वो ही हरी हैं|

गुरुजी का ज्ञान एक नयी ज्योत जगाता है,
उन्हीं के कारण अज्ञानी भी ज्ञानी बन जाता है|

गुरूजी की ही तपस्या का फल है,
इसीलिए आज ये जीवन बना सफल है|

गुरु और शिष्य का बड़ा ही अनूठा रिश्ता होता है,
जो इसका मान ना करे वो हर पल बहुत कुछ खोता है|

गुरूजी को शत शत नमन करते हैं,
उनका तहे दिल से अभिनन्दन करते हैं|

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Rahi Mastana

Part time writer/Author/Poet

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