भवनापूर्ण संदेश

भवनापूर्ण संदेश

गम जुदाई ईष्या सब है
बस नही है तो सिर्फ प्यार

पागलपन आवारगी क़ातिल
सब है मगर ज़िन्दगी नही

सादगी अकेलापन वीराना
सब है सफ़र का ठिकाना नहीं

किस्मत लकीरें भाग्य
सब है पर जीवन नही

ख़ुशी उत्साह मज़र
सब है मगर हमसफ़र नही

देश राजनीति भ्रष्टाचार
सब है मगर ईमानदार काम है

उदासी करूणा त्रासदी
सब है प्रेम कही नही!

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प्रेम प्रकाश

प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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