बड़ी जोर का जाम लगा है गाड़ियां खड़ी हो गयी पंक्तियों मैं,
कोई कोस रहा अपनेआप को, तो जंग छिड़ी है व्यक्तियों मैं|
ये कैसा हाल हो रहा ये कैसी हो रही दुदर्शा है,
गाड़ियां हो रही ना टस से मस हर कोई यहाँ फसा है|
कोई कर रहा डिस्टर्बेंस तो कोई कर रहा लूज़ पेशेंस,
किसी ने चिपका रखी है गाड़ी, तो कोई बना के रखे डिस्टेंस|
जामों का ये हाल देख कर मन यूँ विचलाता है,
क्यों छोड़ आया उस गांव को, शहर की ओर भग आता है|
चला जा रे गांव की ओर शहर मैं कुछ नहीं रखा है,
हर तरफ है शोर शराबा, भीड़ भाड़ भड़क्का है|

No votes yet.
Please wait...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *