निश्छल गोविन्द

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निश्छल गोविन्द

By |2018-09-11T17:20:48+00:00September 11th, 2018|Categories: कहानी|Tags: , , |0 Comments

गोविन्द अपने माता पिता की एकमात्र संतान था किन्तु दुर्भाग्यवश पांच वर्ष की छोटी सी आयु मे माँ चल बसी|
क्या करता उसका पिता हार कर दूसरी शादी कर ली|
उसकी नयी पत्नी भी एक 3 साल का बेटा लेकर आयी
वो गोविन्द से उसकी उम्र से ज्यादा के काम करवाती|
खूब मारती फटकारती पर वो माँ का प्यार पाने की उम्मीद मे दिन रात एक करके काम करता पर माँ का दिल ना पसीजा|
एक दिन वो सौतेली माँ के साथ कुए पर गया पर पानी नीचे होने से निकाल नहीं सका तो वो खुद भरने भरने लगी तभी गोविन्द की नजर माँ के चुनरी से चिपके बिच्छू पर गई,
निश्छल गोविन्द ने आव देखा ना ताव ना ही उसका दुर्व्यवहार देखा बस बिच्छू को पकड़ कर फेक दिया जिस दौरान बिच्छू ने उसे डंक मार दिया,
लहूलुहान हाथो को ले कर वह गिर पड़ा इधर झटका लगने से माँ के हाथो से जब घड़ा गिर पड़ा तो वो गोविन्द को मारने दौड़ी उसे गिरा देख भी दया नहीं आयी
पर जब उसने हाथ पकड़ा तो गोविन्द का ठंडा लहूलुहान हाथ और पास पड़े बिच्छू को देखकर उसे सारी बात समझते देर ना लगी|
उसने निच्छल गोविन्द के मृत शरीर को ममता का आँचल ओढ़ा दिया और विलाप करने लगी पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी
फिर भी उसके मृत चेहरे पर माँ के आँचल तले होने वाला सुकून था|

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