पागल होती है लड़कियां 

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पागल होती है लड़कियां 

By |2018-09-12T11:32:51+00:00September 12th, 2018|Categories: कविता|Tags: , |0 Comments

पागल होती है लड़कियां
बिन सोचे समझे किसी से भी
प्यार कर लेती है
फिर उसकी ख़ुशी के लिए
हो जाती है बर्बाद
कुछ नहीं बचता उनके पास
कभी नहीं सोचती अपने बारे में
रात-दिन खटती रहती है मशीन की तरह
ना तेल-पानी की ज़रूरत, न रख-रखाव की
चौबीस घंटे कोल्हू के बैल की तरह निरंतर
परिवार रूपी धुरी के चारों ओर घूमती रहती है
कभी पति की चिंता, कभी सास की सेवा
कभी भाई का दुःख याद आता है
कभी बहन के सपने पुरे करने का ख्याल
कभी माँ-बाप का फ़र्ज़ याद आता है
सचमुच पागल ही तो होती है लड़कियां
इन सबसे परे कभी नहीं सोच पाती
अपने अस्तित्व के बारे में
वो क्यों है? क्या है? उनका होना
और एक दिन इसी तरह
सो जाती है चिर निद्रा में
इसी तरह रात-दिन घिसते-घिसते
पागल ही तो होती हैं। …

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