जिंदगी आज फिर रुलायेगी आके फिर सामने कुछ याद दिलाएगी क्या!

दर्द बाहुत है जीने में फिर कोई दर्द याद दिलाएगी क्या!
बस कुछ ज़हखम है सीने क्या मरहम भी लगाएगी क्या!!

लेके तस्वीर मेरी हाथो अपने क्या सीने से लगाएगी क्या!!

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