बरसाने की छोरी के, जलवे बड़े निराले हैं|
उनका ही रूप देख, कृष्ण हुए मतवाले हैं|
मेरी राधा रंग रंगीली, अँखियाँ बड़ी कजरारी हैं|
उनके लिए मदमस्त हो चुके, श्री बांके बिहारी हैं|
मेरे मोहन की मुरली भी, देखो कितना इतराती है|
राधा जी की याद मैं, नित नयी धुन सुनाती है|
किशोरी की महिमा निराली, कण कण मैं वो छायी हैं|
उनके जन्मोत्सव की, हर एक जन को बधाई है|

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