तू बस बढे जा

तू बस बढे जा

किसी ने कहा पहाड़ तोडना मुश्किल है
किसी ने कहा समुद्र चीरना मुश्किल है
पर सबसे मुश्किल है
इस दुनिया को खुश करना
अजीब है ये दुनिया
अजीब है इसके नियम
किसी की जान जाए तो जाए
खोट निकालना आदत है इसकी
जिस दुनिया ने ‘सीता मैया’ को भी ना छोड़ा
की व्यंग्यवाणो की वर्षा
रामजी ने जानकी को छोड़ा
कोई खुश क्यों है?
कोई दुखी क्यों है? दुनिया को चैन ना आये
कहीं  की ईट कहीं का रोड़ा
भानुमति ने कुनबा जोड़ा
क्यों हुआ? कैसे हुआ?
ये धुनुष किसने तोडा
भीड़ ने कभी परिवर्तन नहीं किया
इतिहास गवाह है
क्रांति हुई, युग बदला
तो किसी एक ने साहस किया है
एक चिंगारी ही चीर देती है अँधेरा
जीना है तो कर दुनिया को किनारा
ज़िंदगी तेरी है बस जिए जा
झुकेगी दुनिया तू बस बढे जा…

No votes yet.
Please wait...

dr Vandna Sharma

i m free launcer writer/translator/script writer/proof reader.

Leave a Reply

Close Menu