तू बस बढे जा

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तू बस बढे जा

By |2018-09-18T17:15:09+00:00September 18th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

किसी ने कहा पहाड़ तोडना मुश्किल है
किसी ने कहा समुद्र चीरना मुश्किल है
पर सबसे मुश्किल है
इस दुनिया को खुश करना
अजीब है ये दुनिया
अजीब है इसके नियम
किसी की जान जाए तो जाए
खोट निकालना आदत है इसकी
जिस दुनिया ने ‘सीता मैया’ को भी ना छोड़ा
की व्यंग्यवाणो की वर्षा
रामजी ने जानकी को छोड़ा
कोई खुश क्यों है?
कोई दुखी क्यों है? दुनिया को चैन ना आये
कहीं  की ईट कहीं का रोड़ा
भानुमति ने कुनबा जोड़ा
क्यों हुआ? कैसे हुआ?
ये धुनुष किसने तोडा
भीड़ ने कभी परिवर्तन नहीं किया
इतिहास गवाह है
क्रांति हुई, युग बदला
तो किसी एक ने साहस किया है
एक चिंगारी ही चीर देती है अँधेरा
जीना है तो कर दुनिया को किनारा
ज़िंदगी तेरी है बस जिए जा
झुकेगी दुनिया तू बस बढे जा…

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