एक दर्द भरी रिश्ते

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एक दर्द भरी रिश्ते

पूरी दुनियां मेरे खिलाफ हुआ
माँ ने तब भी जन्म दिए यहां
इस संसार मे मुझे लाने वाले
मैं और मेरी माँ से अलग हो गए!

मेरे जन्म समय दर्द हुए होंगे
उससे भी ज्यादा दर्द जब घर
वाले छोड़ के एक-एक रिश्ते
बिछड़ते चले गए मेरी वजह से!

हमें इतना संसारवाले कमजोर
क्यों मानते हैं मैं और मेरी माँ
क्या कसूर जो मेरे जन्म के
उपरांत माँ और मेरे से अलग
हुए ये दुनियांवाले ‘प्रेम’
का गुहार है यही!!

– प्रेम प्रकाश

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प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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