दो धारी तलवार

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दो धारी तलवार

By |2018-09-20T12:57:35+00:00September 20th, 2018|Categories: अन्य|Tags: , , |0 Comments

यह दुनिया है दो धारी तलवार,
वार करती है यह दोनों तरफ से|

आहें भरे या शिकवा करे, इसे क्या,
इसका मतलब बस वार करने से|

अपने भी और है पराये भी इनमें,
दोस्त/दुश्मन सभी हैं एक जैसे|

आस्तीन के सांप कहलो इन्हें चाहे,
फंदा बन जाये मिलकर यह गले से|

भावनाओं से खेले यह सारे जुआरी,
प्यार को तौले दौलत के तराजू से|

इसकी चकाचौध है झूठी, एक छलावा,
पास गए तो झुलस गए इनकी आग से|

दिल के सभी अरमानो का खून कर,
लाश बन गयी जिंदगी इनकी कृपा से,

मर कर तो जलना ही था हमने चिता में,
इसने ज़िंदा ही जला दिया अपनी आग से|

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संक्षिप्त परिचय नाम -- सौ .ओनिका सेतिया "अनु' , शिक्षा -- स्नातकोत्तर विधा -- ग़ज़ल, कविता, मुक्तक , शेर , लघु-कथा , कहानी , भजन, गीत , लेख , परिचर्चा , आदि।

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