नारी आत्मसम्मान

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नारी आत्मसम्मान

By |2018-09-22T16:19:56+00:00September 22nd, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

नारी
उमंग है,
कोमल तरंग है,
जीवन का नवरंग है,
विचार है, बहार है,
श्रृष्टि का सुंदरतम श्रृंगार है,
संस्कार है, पहरदार है,
आदि है, अनंत है,
पर इच्छाओं से,
परतंत्र है,
नारी…
-पूर्णिमा राज

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