परमाणु प्रहार

परमाणु प्रहार

विकराल विनाश
रचा मानव ने
धरातल पर
धरती के
विध्वंस किया
मानव जाति को
पाने अधिपत्य एक
लघु भू खण्ड के
कण-कण धरा का
कांप गया
अणु का जब
भीषण प्रहार हुआ
धुआँ उठा यम सा काला
तपता-जलता सा
विस्तार हुआ
निगला सब कुछ
इक क्षण में ही
मानव उस तप में वाष्प हुआ
पाषाण सा काला
स्तंभ हुआ वह
जो मार्ग में
उसके प्रकट हुआ
क्या विकसित मस्तिष्क का
खेल था यह….??
जो जीवन से ही खेल गया
इतिहास गवाह है
इस विनाश का
जो प्रलयंकर प्रकट हुआ

सोनिया थपलियाल

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