शहर का सहर

शहर का सहर

शहर
घने कोहरे में लिपटी
धुंआ धुंआ सा है सहर।
फिजां में धीरे घुलती
कैसा मीठा सा है जहर।
किसी गरीब की फटी
झोली सा है शहर।
उसके शरीर पर लिपटी
मैली कमीज सा है शहर।
शर्म बस थोड़ी ढँकती
उघड़ी समीज़ सा है शहर।
पेट पीठ से सटी
भूखी अंतड़ी सा है शहर
होठ पर पड़ी फ़टी
रूखी पपड़ी सा है शहर।
शरद में ठंड से जमी
सूखी दरिया सा है शहर।
और सुनोगे क्या
ओ मुसाफ़िर ठहर
भीड़ में भी तन्हा
गुमनाम सा है शहर
शोहरत मकान दौलत
सब कुछ यहां है मगर
खुद के लिए भी वक्त से
हरवक्त जूझता सा है शहर
न दादी की गोदी
न नानी की कहानी
बस अपनों में सिमटी
बन्द कमरे सा है शहर।
न वो सरसों के फूल पीली
न वो बड़ी सी अपनी हवेली
फ्लैट में सिमटी छोटी
माचिस सा है शहर।
अपनो की परवाह नही
गैरों की कोई चाह नही
खुद से ही खुद करता
साजिश सा है शहर।
चमचमाती कारों में
लिए गोद पिल्ला बैठी
बाहर सड़क नंगी भूखी
गरीब बच्चा सा है शहर।
खुश हो जहाँपनाह जी
अपना बदन रोज रौंदती
बेवश कनीज़ सा है शहर।
भागते सब धुन में अपनी
न इसकी न उसकी सुननी
न मंजिल न ठिकाना कोई
रेल की दो पटरी सा है शहर
चले थे खोजने यहां पर खुशी
नही है किसी के चेहरे पर हंसी
बड़ा मतलबी बेगैरत
बदतमीज सा है शहर।

– ©पंकज भूषण पाठक “प्रियम”

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Pankaj Bhushan Pathak

मेरा परिचय :सिर्फ इतना ****************** मुसाफ़िर,अल्फ़ाज़ों का ख़ुद से बंधा,नियम हूँ मैं। लफ्ज़ समंदर,लहराता शब्दों से सधा,स्वयं हूँ मैं। साहित्य सृजन,सरिता प्रेम-पथिक,"प्रियम" हूँ मैं। ******************** विगत 20 वर्षों से लेखन और पत्रकारिता से जुड़े हैं।प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा के समय से ही कविता,गज़ल,नाटक कहानी,लेख और निबन्ध लिखते रहे हैं।बचपन में रंगमंच पर भी अभिनय के लिए कई बार पुरस्कृत।विभिन्न विधाओं में सैकड़ों रचनाएं देशभर की पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित। वर्ष 2001 से सक्रिय पत्रकारिता:-रांची एक्सप्रेस,दैनिक जागरण,हिन्दुस्तान,तरंग भर्ती,प्राइमरिपोर्ट,आकाशवाणी,ईटीवी,साधना,महुआ जैसे राष्ट्रीय व  क्षेत्रीय न्यूज चैनलों में कार्य का अनुभव। 'बिगुल आजकल' पत्रिका के प्रधान-संपादक। सम्प्रति झारखण्ड सरकार में संचार सलाहकार के रूप में कार्यरत और विभागीय पत्रिका "स्वच्छता प्रहरी" का संपादक । इसके अलावा कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन। कई डॉक्यूमेंट्री और लघु फ़िल्मों का निर्माण। स्थानीय फीचर फिल्मों के लिए भी लेखन और जनसम्पर्क कार्य। आकाशवाणी, रांची के समाचार एकांश में आ.संपादक,दूरदर्शन और रेडियो पर शोध-पत्र जारी। काव्य पाठ और मंच संचालन में भी सक्रिय भागीदारी।  * 11 वें अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन,ग़ाज़ियाबाद 2003 में  "साहित्य सेवी सम्मान" से अलंकृत।  *स्वास्थ्य,स्वच्छता,शिक्षा एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सामाजिक सेवा।  *पुस्तकें 1.प्रेमांजली(काव्य संग्रह) 2.अंतर्नाद(काव्य संग्रह) 3.लफ्ज़ समंदर(काव्य संग्रह) 4.मेरी रचना(साझा काव्य संग्रह) 5.ग्रामीण विकास में रेडियो की भूमिका(शोध-पत्र) 6.दूरदर्शन के कृषि कार्यक्रमों का प्रभाव(शोध-पत्र) ईटीवी बिहार/झारखण्ड *शिक्षा विभाग के खिलाफ बड़ा स्टिंग-ऑपरेशन सरस्वती(2006) *रामगढ़ थाना में स्टिंग-ऑपरेशन पासपोर्ट(2007) *निजी विवरण: पिता-आचार्य श्री भागवत पाठक माता-श्रीमति सर्वेश्वरी देवी जन्मतिथि-08 नवम्बर 1978 *पैतृक गांव- बसखारो,धर्मपुर जमुआ,गिरिडीह।815318 *स्कूली शिक्षा:-तिसरी,गिरिडीह *जन्म,कर्म और उच्च शिक्षा:-रांची। *जन्तु विज्ञान से स्नातक। 1.पत्रकारिता,2.जनसंचार,3.ग्रामीण विकास और 4.हिंदी विषय में स्नातकोत्तर। *कम्प्यूटर में डिप्लोमा। *प्रसार भारती से "वाणी" प्रमाण-पत्र। *सम्पर्क: 9006349249,7991179525 *मुझसे जुड़ें:- pankajbhushanpathak@gmail.com https://www.facebook.com/pankaj.b.pathak https://www.facebook.com/pbpriyam/ https://www.youtube.com/user/pankajpriyam https://twitter.com/pankajpriyam http://pankajpriyam.blogspot.com/ http://pankajpriyam.wordpress.com मुझे प्रतिलिपि पर फॉलो करें : http://hindi.pratilipi.com/user/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9C-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-v32a64uo4w?utm_source=android&utm_campaign=myprofile_share https://hindi.sahityapedia.com/author/pankajpriyam7 https://www.amarujala.com/user/5981506e96ab407e664cb7a4 View my complete profile

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