प्यार की हद

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प्यार की हद

By |2018-10-05T21:58:02+00:00October 5th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

जिंदगी ख़ुशनुमा होने लगी, चाहतें जवान होने लगी,
वो ऐसे आये मेरे दिल में कि मोहब्बतें बयाँ होने लगी|
मोहब्बतें बयाँ होने लगी, थम सा जाता है वक़्त का पहर,
हसरतें पूरी हो नहीं पाती, दिल कहे थोड़ा और ठहर|
निगाहें निगाहों की गहराई में जाना हैं चाहें,
आलिंगन ऐसा होता कि कस जाती हैं बाहें|
जन्नतें नजर आती हैं मेरे हमदम की संगत में,
रंगना चाहूँ में उनकी ही रंगीनी रंगत में|
हर जन्म के साथ का कर लिया क़रार मैंने,
दिल को इस कदर बेक़रार कर लिया मैंने|
ऐ खुदा तुझको तेरा ही है वास्ता,
भूले से भी ना हो मुझसे कोई खता|
वो हो गया नाराज़ तो एक क़हर आ जायेगा,
मेरी जिंदगी में एक जहर आ जाएगा|
उनके बिना एक भी दिन जी नहीं पाउँगा,
में तो जीते जी दुनिया से चला जाऊंगा|

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