क्या लिखूं तेरे बारे , जितना लिखूं कम ही कम है

Home » क्या लिखूं तेरे बारे , जितना लिखूं कम ही कम है

क्या लिखूं तेरे बारे , जितना लिखूं कम ही कम है

जितना लिखूँ  सब कम ही कम है

लिखूं तो क्या लिखूं तेरे बारे..
जितना लिखूं सब कम ही कम है..
सोचूं तो क्या सोचूं तेरे बारे ..
जितना सोचूं सब कम ही कम है
तेरा जिश्म भले ही मेरे साथ नहीं
तेरे ख्याल से ही मेरी आँखें नम हैं
मेरे दिल में तू हरदम शामिल है
तेरी सोच में ही इतना गम है
लिखुँ तो क्या लिखूं तेरे बारे
जितना लिखूँ  सब कम ही कम है

सावन की बारिशों में
तू शबनम सी भा रही है
पत्तों से फिसलकर तू जैसे
मेरे दिल तक आ रही है
फुलवारी में खिले फूलों सी
तेरी खुशबू मेरी साँसों में घुल रही है
समुन्दर की लहर सी￰ तू भी मेरे
इक यादों को धूल रही है

तेरा जिश्म भले ही मेरे साथ नही
तेरे ख्याल से ही मेरी आँखें नम हैं
लिखुँ तो क्या लिखूं तेरे बारे
जितना लिखूँ सब कम ही कम है

तू हिमालय की गोद से पिघल
इक नदी रूप में बदल रही है
होकर पर्वत पहाड़ समतल मैदानों  से
मुझसे मिलने को मचल रही है
बसन्त ऋतू की बहार निराली सी
निशा सी काली तेरी घुंघराली लटें
करके दीवाना तू इक मनचली सी
चाहूँ मैं अब की तू मुझसे लिपटे

तेरा जिश्म भले ही मेरे साथ नही
तेरे ख्याल से ही मेरी आँखें नम हैं
लिखुँ तो क्या लिखूं तेरे बारे
जितना लिखूँ सब कम ही कम है

दिखाकर ये मोहिनी रूप
तू मेरे मन मे हुडदंग कर रही है
देकेर अपने होंठों का स्पर्श
एक नयी उमंग भर रही है
ठंडी हवाओं सा बहकर तू
मुझे बैचेन कर रही है
शाम के ढलते सूरज सी तू
मेरे प्यार के समुन्दर में घुल रही है

तेरा जिश्म भले ही मेरे साथ नही
तेरे ख्याल से ही मेरी आँखें नम हैं
लिखुँ तो क्या लिखूं तेरे बारे
जितना लिखूँ सब कम ही कम है

अमावस की काली रातों सी तू
जुगनुओं की रोशनी सी चमक रही है
तेरी ये जगमगाती यादें अब
झिलमिल तारों के आकाश सी दमक रही हैं
ओ सुहाना मौसम, खूबसूरत नज़ारे
हर पल तुझे मेरे करीब ला रहे हैं
तुझसे मिलने की चाहत में सपने भी मेरे
अब सातवें आसमान चढ़ बुला रहें हैं

तेरा जिश्म भले ही मेरे साथ नही
तेरे ख्याल से ही मेरी आँखें नम हैं
लिखुँ तो क्या लिखूं तेरे बारे
जितना लिखूँ  सब कम ही कम है

स्वरचित
– हरीश चमोली
टिहरी गढवाल
(उत्तराखंड)

Say something
No votes yet.
Please wait...

About the Author:

नाम-  हरीश चमोली पिता का नाम -श्री राजेंद्र  प्रसाद  चमोली माता का नाम -  श्रीमती  प्रेमा  देवी चमोली जन्म तिथि -  21जनवरी1991 जन्म स्थान -  ग्राम- डोबरा, पट्टी - सारज्यूला, जिला-  टिहरी गढ़वाल (  उत्तराखंड ) स्थाई  निवास  -  चम्बा, टिहरी गढ़वाल ,(उत्तराखंड) शिक्षा - डिप्लोमा  इन हॉस्पिटैलिटी  (देहरादून) व्यवसाय - फ़ूड  न बेवरेज इंडस्ट्री  प्रेरणा श्रोत- सुशील चमोली एवम दीक्षा बडोनी रूचि -  कविता लेखन /समाज सेवा उपलब्धियां  -  स्वरचित कविताये अमर उजाला/बिहार टाइम्स /रचनाकार मंच  / अप्रतिम ब्लॉग की वेबसाइट ओर अन्य डिजिटल पोर्टल पर प्रकाशित होती रहती हैं |

Leave A Comment