सुसफल जयंती गाँधी(कुंडलिया छंद)

गाँधी जी की याद में,चला स्वच्छ अभियान।
आस-पास सब साफ़ हो,होता रोग निदान।।

होता रोग निदान,हर काम में मन लगता।
स्वास्थ्य रहेगा ठीक,जीवन ख़ुशहाल बनता।

प्रीतम की सुन बात,लाओ सफ़ाई आँधी।
भारत होगा साफ़,सुसफल जयंती गाँधी।

“प्रेम सदा आनंद”-(कुंडलिया छंद)

साथी का हो साथ तो,शब भी लगती भोर।
दुवा यही है एक बस,टूटे न कभी डोर।।

टूटे न कभी डोर,यही अमानत हमारी।
इसके आगे जीत,पीछे ज़िन्दगी हारी।

सुन प्रीतम की बात,बनो मस्ती का हाथी।
प्रेम सदा आनंद,दे सकता सिर्फ़ साथी।

– राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”

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