मैं तो अब रब से यही फ़रियाद किया करता हूँ,
रातों दिन बस उनको ही याद किया करता हूँ|
पास होते हुए भी कुछ कमीं सी लगती है,
आँखों में छा गयी एक नमीं सी लगती है|
करना चाहता हूँ उनसे इजहार ऐ मोहब्बत का,
साथ मिल जाये उनकी प्यारी सी सोहबत का|
ता उम्र उनको भुला नहीं पाउँगा,
उनको पाने के लिए हद से भी गुजर जाऊंगा|
उनकी अदाओं ने यूँ कत्लेआम मचा रखा है,
क्या बताऊँ किस तरह दिल को थाम रखा है|
वो भला कितने भी रह लें ख़फ़ा मुझसे,
में तो हर जन्म में निभाउंगा वफ़ा उनसे|
उनकी हर एक शोखियों का दीवाना है ये राहुल,
अब तो हरेक पल में उनको करना चाहूँ शामिल|

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