एक दिन एक अनुभव

Home » एक दिन एक अनुभव

एक दिन एक अनुभव

By |2018-11-04T21:17:56+00:00November 4th, 2018|Categories: अन्य|Tags: , , |0 Comments

मैं ने एक दिन विरुगमबाककम से वडपलनि जाने के लिए बस में चढी। बहुत भीड़ था ।फिर भी मुझे बैठने के लिए सीट मिली ।मेरे पास एक औरत अपनी नन्ही बेटी हाथ में लेकर बैठी हुई। विरुगमबाककम से वडपलनि का टिकट एक रुपया था। मैं ने हाथ में एक रुपया लेकर बस संचालक के लिए इंतजार करती बैठी थी। लेकिन वे हमारे पास नहीं आए। मैं बेचैन होकर बैठ गई। एक ही स्टाप होनेके कारण बस वडपलनि आ चुकी। टिकट न ले पाती थी ।मेरे पास बैठी हुई औरत खडे होकर” आप यहाँ उतरना चाहिए, आइए “कहकर बस से उतरी अपने पति के साथ। अब मुझे मालूम हुआ उस का पति बस चालक हैं। इसलिए टिकट के लिए कोई हमारे पास न आए ।लेकिन मैं बेचैन से पूरा समय बैठना पडती। यह क्या हाल है!?

Say something
No votes yet.
Please wait...

Leave A Comment