आओ मिल कर दीप जलाये
नफरत को अब दिल से भगाये
अपने कर्म की पूजा करके
जीवन में हर पुण्य कमाये
आओ मिल कर दीप जलाये।

घर को साफ स्वच्छ करके अब
रोग दोष से मुक्ति मिलेगी
पर्यावरण शुद्ध होने से
खुद को नव वी शक्ति मिलेगी
मन में प्रेम की प्रतिमा रखकर
खुशियों के कुछ राग सुनायें
आओ मिलकर दीप जलाये।

प्रेम रंग की रंगोली से
सबके दिल भी अब खिल जायें
खुशियों के सब दिये जलाकर
घर के आँगन को महकाये
नफरत का जो घना अंधेरा
प्रेम का उसमें दिया जलाये
आओ मिलकर दीप जलाये
आओ मिलकर दीप जलाये ।

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