अच्छा दोस्त

Home » अच्छा दोस्त

अच्छा दोस्त

By |2018-11-13T14:14:34+00:00November 13th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

दोस्ताना
मै और मेरा दोस्त
देखी थी सूर्य की पहली किरण
फिर हम दोनो ने लिया संकल्प,
साथ साथ चलते ही रहेगें
आज नही तो कल,
पकड के हाथ की उंगली तेरी
कठिनाइयों मे हम डटे,
मुंह तोड सी तन्हाइयों से
अब जिंदगी होगी सफल,
दोस्ती का हाथ तेरा
आज भी कायम रहेगा,
आप न होगे यहां पर
याद मे दामन रहेगा,
मझधार मे तोडा तू वादा दोस्ती ठुकरा दिया,
क्या हम नही थे साथ तेरे तू आंधियो से झगडा किया
हंसते हुये तू चल बसा हम देखते ही रह गये,
कितना की पकडा चाहते पर हाथ मलते रह गये,
हम दोस्त थे और भी रहेगे आज भी और कल,
इस जनम न सही पर उस जनम मे होगे सफल,

मेरे स्वर्गीव दोस्त …
अजय कुमार कर्णधार
को समर्पित …

– ओम नारायण कर्णधार

Say something
No votes yet.
Please wait...

About the Author:

Leave A Comment