आजादी के लिए कुर्बान

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आजादी के लिए कुर्बान

आजदी के लिए कुर्बान
होने वाले वीर होते तो
वो देश का हाल देखकर
खुद ही बेहाल हो जाते!

जिस देश का यूआ पीढ़ी
अपनी अपनी रोना रोने में
व्यस्त है किसी को नौकरी
तो किसी को अपनी पढ़ाई
प्यारी कोई नशा में चूर-चूर
तो कोई अपनी महबूबा के
बेकरार है काश वें होते तो
देख कर यह हालत खुद पे
धिकार करते!

देख कर राजनीतिक का हाल
बेहाल हो जाते लोह पुरुष
सरदार पटेल जी का होता
दिल बैठ जाता जहां एक तरफ
हिंदू का विगुल फूंकते आज के
नेता हिंदू राष्ट्र बनाने पर उतारू
है वही एक तरफ पप्पू के पास
होने की वजहसे लोग हास्य बनाते
दिखते तो उनपे क्या बिताता!

देखकर प्रशासन की व्यवस्था का हाल
कितना बुरा होता हाल सुभाष चंदबोस
का मनोदशा का कल्पना भी नही कर
सकते हमसब को समझना होगा!

आज अगर चंद्रशेखर जी होते तो
देश का हाल देखकर खुद को गोली
मार देते और कहते की क्या यह दिन
देखने के लिए मैं लड़ रहा था!

जागो मेरे यूआ पीढ़ियों अब तो जागों
अपना देश आज कलयुगी और संक्रमण-
कारी लोगों राजनेताओं से खुद और
अपने देश को बचा लो मेरे देश-प्रेमियों
अब उठो त्यागों अब सज हो जाओ
आने वाला है चुनावी विगुर फूक डालो
अपनी आवाज कर लो हौसला बुलंद अपना
पुराने नेता लोग खा खा के बुलडोजर हो
गए है अब उन्हें तुम्हें चलना सीखना होगा
मेरे देश के जवान जागों!

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प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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