मुहब्बत के सिलसिले

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मुहब्बत के सिलसिले

By |2018-11-17T10:56:12+00:00November 17th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

उनकी मुहब्बत के सिलसिले यूँ ही चलते रहें,
जन्मों जन्मों के लिए हम यूँ ही मिलते रहें|
या खुदा बरक़रार रखना इस रहमत को,
ना हो तक़रार बना के रखना इस बरक़त को|
उनकी इबादत में अज़ब सा सुकून मिलता है,
चाहत ऐ गुलशन में प्यार का फूल खिलता है|
मिटा देना हरएक पल उनसे जुदा होने का,
अब तो कर लिया है वादा उनपे फिदा होने का|
उनके लवों पे ये हंसी यूँ ही शामिल रहे,
उनके आगोश ऐ दिल में हमेशा ये राहुल रहे|

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