गजल गीत

गजल गीत

मुझे जिंदगी को बचाना है यारो
जमाने को फिर से सजाना है यारो

बिछड़ कर अलग जो हुए थे वहाँ पर
उन्हें साथ फिर से ही लाना है यारो

अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
सभी को वहीं पर ही जाना है यारो

चाहे आगे आगे या पीछे ही चल दो
कदम से कदम तो मिलाना है यारो

कठिन राह से आगे बढ़ते ही बढते
हमें मंजिलों को तो पाना है यारो

कहीं काँटे होंगे कहीँ होंगे पत्थर
इन्हें पार करके दिखाना है यारो

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