बस एक छोटी सी आस ही तो की थी,
किसी अपने की तलाश ही तो की थी|
दिल ने कुछ कदम अनायास उठा डाले थे,
उनको अपना बनाने के प्रयास करा डाले थे|
काबू में होता तो बाँध के रख लेता उसको,
कम्बख़त मारता था हिलोरें जब भी देख लेता था तुमको|
तुम भी बेशर्म बेहया निकले मेरे हमदम,
क्या चला जाता जो बिता देते प्यार के दो पल|
तुम्हें लगता था कि में नहीं तुम्हारे प्यार के काबिल,
देख तो लेते कम से कम दिल में कर के मुझे शामिल|

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