प्यार भरा सपना

Home » प्यार भरा सपना

प्यार भरा सपना

By |2018-12-08T00:02:56+00:00December 8th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

मुलाकात उनसे भरे बाजार हो गयी,
नैनों से नैन मिले ऑंखें चार हो गयी|
कुछ तड़प इधर थी तो कुछ उधर भी दिखाई पड़ रही थी,
प्यार की खुमारी दिलोदिमाग पे एक चढ़ाई सी चढ़ रही थी|
उनकी मुस्कराहट से कुछ ऐसा प्रतीत हुआ,
मानों वो मेरी हमदम में उनका मनमीत हुआ|
उनकी हरेक अदा यूँ बिजली गिराने लगी,
लिपट कर वो मुझे यूँ गले से लगाने लगी|
सदियों से मेरे इंतज़ार में तड़पती सी लगी,
करने दिले इज़हार को बिलखती सी लगी|
आँखें भर आयीं, मन प्रफुल्लित हो आया था,
तभी मम्मी ने एक तमाचा हमें लगाया था|
बोलीं नालायक कब तक यूँ ही सोता रहेगा,
मुंगेरी लाल के हसीन सपनों में खोता रहेगा|

Say something
No votes yet.
Please wait...

About the Author:

Part time writer/Author/Poet

Leave A Comment