आज रुखसार बड़े हैं लाल उनके,
लगता है कोई बिछुड़ा फिर पास आया |
आँखों अजब सी लिए हैं रोशनी,
लगता है वो फिर इनमे डूबने आया |
लवों पे थर्राहट कुछ इस तरह होने है लगी,
मानों वो भंवरा इन्हें फिर चूमने है आया |

Say something
No votes yet.
Please wait...