मुझे तो अच्छी लगती है 

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मुझे तो अच्छी लगती है 

By |2019-01-14T16:56:22+00:00January 14th, 2019|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

बारिश चाहे बेमौसम हो
या मौसम  से हो
मुझे तो अच्छी लगती है
किसी को बुरी लगती है तो लगे
मुझे तो अच्छी लगती है
सड़कों पर किचकिच होती है
तो हो जाने दो
कहीं पर पानी भर जाने दो
अभी तो सिर्फ तन भीगा है
मन को तो भीग जाने दो
बहुत दिन बाद बरसा है आज पानी
आज इसे बरस जाने दो
बड़े बनकर तुमने क्या पाया
ओढ़ गंभीरता क्या पाया
चलो छोड़ो क्या खोया क्या पाया
कभी तो बच्चा बनकर देखो
ये पागलपन भी करके देखो
 बूंदों के साथ मचलकर देखो
छप-छप पानी में छप-छप करना
तेज गरज सुनकर डरना
चम-चम बिजली चमकने दो
होश सारा खोने दो
जो जलता है जलने दो
आज तो बारिश होने दो

किसी को बुरी लगती है तो लगे
मुझे तो अच्छी लगती है

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