मां मुझको AK-47 दे दे
मैं फियादीन को मार आऊंगा,
बन कर नहीं कोई दुश्मन मैं
एक हिन्दुस्तानी बन पताका लहराऊंगा,

नही जानता मैं किसी को
ना ही किसी को मानता हुं
मैं हुं लाल को भारत मां का
बस यहीं मै जानता हुं

अब नही कोई चाय वाला
ना कोई आलु सोने वाला,
जिसको दुख हो वो आ जायेगा
सिर पर कफन वो तिरंगे का लहरायेगा,

ना कोई दीदी ना कोई बहन जी
खुलकर सामने आ जाओ
बनकर मां उन सिपाहियों की
तुम हौसला जा सीमा पर बढ़ाओ

छोड़ दो साइकिल बाबुजी
तेजस्वी कुछ नाम सा दिखाओ,
छोड़ कर ये राजनीति की झाडु
मेरे संग हथियार उठाओ,

कर दो खतम हुर्रियत को
औवेसी को आईना दिखऔ,
पतन हो पत्थरबाजो को
फारूक,मेहबुबा कुछ कर के दिखाओ,

सच कहता हुं
शाम का सूरज ढल नही पायेगा,
हर फियादीन का धड़ धरा पर होगा
हर हिन्दुस्तानी सिपाही बन नजर आयेगा

मां मुझको AK-47 दे दे
मैं फियादीन को मार आऊंगा,
बन कर नहीं कोई दुश्मन मैं
एक हिन्दूस्तानी बन पताका लहराऊंगा,
#Deepak_UD

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