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प्रकृति के हर रूप में नारी ही तो है। नारी में नव सृजन, अंकुरण की, धारण करने की अद्भुत क्षमता है। महिला दिवस पर शुभकामनाएं।
प्रकृति के हर रूप में,
जादू है,अनमोल तोहफा है नारी।
हर घर का आंगन है,
आंगन में उगी तुलसी है नारी।
बिन स्त्री घर नहीं, मकान है,
घर को घर बनाए रखती है नारी।
लक्ष्य के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति,
असुरों के लिए दुर्गा है नारी।
हिन्दू की गीता,मुस्लिम की कुरान,
सब ग्रंथो का सार है नारी।
सब खेतों में सोना बरसाए,
सब को धारण करे धरा है नारी।
प्रेम और सेवा की मूरत,
दुख में दिलासा,दर्द में मरहम है नारी।
सबकी मन की बात जान ले,
घर की चिकित्सक भी है नारी।
साहस और सामर्थ्य में,
कभी ना हारे,हौसलों की उड़ान है नारी।
अंधकार में चिराग है,
निराशा में उम्मीद की किरण है नारी।
जीवन के हर रिश्ते की आधार,
प्रभु का दिया उपहार है नारी।
दुनिया की आधी हिस्सेदारी,
सबके लिए वरदान है नारी।
प्रकृति की प्रतिकृति है,
इसीलिए तो नारी सब पर भारी।

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