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कविता

छलिया – सारिका भूषण
नागफनियां – कल्पना मिश्रा
कहो कैसे जुदा हो ? – स्वधा रवींद्र “उत्कर्षिता”
गीतिका – नीरजा नीर
अहिंसा – रत्ना पांडे
गौरैया और नन्हा बच्चा – ज़ैतून ज़िया
माँ – विद्या शर्मा
चुरन और इमली – रंगनाथ द्विवेदी
समाज का दोहरा चरित्र – माधुरी शर्मा ‘मधु
बंदर मामा – कृष्ण कुमार शर्मा
गुम हुई है – ओम प्रकाश प्रेमी
मैं उन्मुक्त – अनुजीत
वोट करो – स्वाती कनौजिया
महलों के ख्वाब – डॉ. रश्मि नायर
नया भारत बनायेंगे – अजय एहसास
माँ ! अक्सर ऐसी ही होती है – संतोष कुमार वर्मा “कविराज “
कोई कुछ भी कहे – ओम प्रकाश लववंशी ‘संगम’
हमारी धरती – आशुतोष
नाम था मेरा दिव्या – ️सावन पारेता
उलझन में जीवन – सुरेश्वर मद्धेशिया
इत्तेफाक – अविनाश कुमार
अबोध – कैलाश मेघवाल
कितने दिन हुए – अनुपम अनूप”भारत”
क्रिकेट देखिए – अजय प्रसाद
आ गए गर्मी के दिन – रुचि वर्मा
सहमा बचपन – नग़मा सिद्दीकी ”नग़मा”
अटल – मधुमित
परतें – वीना सोनी
मंजिल मिलती अवश्य उसको – पुनीत कुमार
स्वर्ग से सुंदर शहर से अच्छा है अपना गाँव – कुमार संदीप
कब तक – राखी सरोज

कहानी/लेख/संस्मरण

प्रौढ़ावस्था संघर्ष / सामंजस्य – मनु वाशिष्ठ
मै जुलाहा – पूनम सिंह
संस्कार – अनिता रश्मि
मतदान – ज्ञानप्रकाश ‘पीयूष
गलत धारणा – आकांक्षा सक्सेना
यमपुरी – भारत भूषण पाठक
परीक्षा : उम्मीदवार की या जनता की – डॉ. अवधेश कुमार ‘अवध’
रिश्ते और सोशल मीडिया – निक्की शर्मा ‘रश्मि’
चांदी – डॉ. किरण पांचाल (अंकनी)
जीवन आधार – स्वपनिल वैश्य ‘स्वप्न’
सपने – निशारावल
दर्द मिटाए मधुशाला – नीरज त्यागी
अधूरापन – स्वरा सुरेखा अग्रवाल
जलती धूप में एक तन्हा पेड़ – विजय कुमार
किताबी ज्ञान बनाम अनुभवी ज्ञान – गोपाल शरण शर्मा
अहमियत – आकांक्षा
परवरिश – एकता रानी
एक पत्र माँ के नाम – नेहा शर्मा
हमारा समाज और संचार माध्यम डिब्बे में क़ैद समाज़ – नूतन गर्ग
कई नाम हैं मेरे – मोहित शर्मा ‘ज़हन’
जीत अंगुली की – व्यग्र पाण्डे
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