नारी-

नारी तुम रीति हो,
हर जीवन की संगीत हो।
हर मन को भाने वाली,
तुम ही तो मनप्रीत हो।

नारी तुम विश्वास हो,
हर जीवन मे खास हो।
हर टुटी उम्मीदों की,
तुम ही तो एक आस हो।

नारी तुम सम्मान हो,
रखती सबका मान हो।
तुझी से तो दुनिया सारी,
तुम ही श्रेष्टतम इंसान हो।

नारी तुम काली हो ,
करती सबकी रखवाली हो।
हम जैसो बच्चों की,
तुम ही तो एक माली हो।

-नवनीत कुमार

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